पांडे जी का 'भैंसवाद'

बिचारी भैंस   

   भारी भरकम भोली भाली भैंसे भारत में
    बजवाती बंदरों से बीन बारी बारी हैं,
    सोयी साठ सालों से है सपन सुखी संजोये 
    दारुण दशा में दबी दीन सी दुखारी हैं,  
   ये दल लो वो दल लो या दल बदल भी लो
   जुगत जुगाड़ें जीतने वाली जी जारी हैं,
   माननीय बन्दर बोले ये बात बंदरों से 
   कल भी बिचारी थी ये आज भी बिचारी है....

विश्वसुन्दरी भैंस

यादव जी नाच रहे थे ख़ुशी में बांच रहे
जो भी आता बोलता यादव जी बधाई है
दो दो लड्डू मुंह में दबा के पांडे जी ने पूछा
क्या हुआ है यहाँ किस बात की मिठाई है
यादव जी ने कहा कि हुई प्रतियोगिता थी
अभी अभी अमरीका वालो ने कराई है
विश्वसुन्दरी होगी जो कम कपड़ो में होगी
भेज दिया ट्रॉफी मेरी भैंस ले के आई है


चुनाव चिन्ह  भैंस 

नेता जी चुनाव चिन्ह पा कर हुए थे खिन्न
बोले अफसर जी न शाप मुझे दीजिये
इंजन के जले हुए तेल सा मेरा विरोधी
मैं हूँ पेट्रोल जैसा ताप मुझे दीजिये
बड़ा हो मेरा निशान ऊँची रहे मेरी शान
कोई ऐसा चिन्ह छांट आप मुझे दीजिये
उसको गधा दिया है मैंने क्या बुरा किया है
मेंढक न लूँगा भैंस छाप मुझे दीजिये

भैंस की सवारी  

बढ़ रहा वैश्विक ताप पूरे विश्व में जी 
मानव प्रजाति हेतु चिंता हुई भारी है
गाड़ियों का धुंआ यहाँ कारण हुआ है बड़ा
क्षरण ओजोन की परत का भी जारी है 
पार्किंग की दुविधा या ध्वनि प्रदूषण हो
जिम्मेदारी आज ये हमारी है तुम्हारी है 
गाड़ियों को छोड़ो प्रकृति से नाता जोड़ लो जी 
    सबसे तो बढ़िया हाँ भैंस की सवारी है 

भैंस संरक्षण     

बाघ शेर हाथी गैंडे कहीं ना विलुप्त हो ये 
इनकी सुरक्षा हेतु आप आगे आइये 
दे रही है सरकार इनको संरक्षण जी 
आगे बढ़ हाथ सरकार का बंटाइये 
किन्तु इस अभियान में अवश्य रहे ध्यान 
जंगल के लिए नहीं गाँव को भुलाइये
दूध देती घास खाए पुचकारो पास आए
सबकी दुलारी भैंस को भी तो बचाइये 

1 comment:

  1. chhandbaddh vyangy ke saath-saath 'bhains sanrakshan' ka sandesh deti rachna.
    achchhi lagi!

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